Teachers Day Quotes, Speech on Teachers Day, अध्यापक दिवस पर भाषण, शायरी, टाइटल

अध्यापक दिवस पर भाषण

शिक्षक दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!

हमारे विद्यालय /कॉलेज प्राचार्य, गुरु तुल्य सभी अध्यापकों के चरण वंदन करता हूं जिन्होंने इस शिक्षा के माध्यम से मुझे समाज में जीना सिखाया। महान विभूति स्वामी विवेकानंद ने कहा कि “शिक्षा का अर्थ है उस पूर्णता को व्यक्त करना जो सब मनुष्य में पहले ही विद्यमान है”
अगर सच कहा जाए तो इस पूर्णता की ओर एक शिक्षक ही हमें लेकर जाता है।

किसी शायर ने कहा है:

जो बात दवा से ना हो सके
वह दुआ से होती है
कामिल मुर्शिद अगर मिल जाए
तो बात ख़ुदा से होती है

यानी अगर एक समर्पित शिक्षक मिल जाए तो वह फर्श से अर्श तक पहुंचा देता है ।
भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति राधाकृष्ण सर्वपल्ली को हृदय से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। जिन्होंने अपने जन्मदिन को अध्यापक दिवस के रूप में बदला। और आज के दिन शिक्षा के इन मंदिरों में अध्यापक नाम के फरिश्तों की इबादत होती है।

यह विद्यालय शिक्षा का मंदिर है
शिक्षक जहाँ फरिश्ता बनकर आता है
जिसकी जितनी श्रद्धा होती है
वह उतना ही ज्ञान पाता है

एक अध्यापक में विचार देता है, जागरूक करता है। और श्रद्धावान विद्यार्थी बहुत कुछ सीख जाता है। एक शिक्षक की प्रशंसा और बहुत हो सकती है ।


मैं इतना ही कहूंगा कि हमारे आस पास बैठे हैं इन शिक्षकों का सच्चा सम्मान करें और इनके प्रति श्रद्धा के भाव भरे। जिस विद्यार्थी की श्रद्धा होती है उसे शिक्षक की भावनाएं स्वतः ही खींच लेती है। और ऐसे विद्यार्थी सच्चा आशीर्वाद पाते हैं ।


महान विचारक ARISTOTLE के कथन पर हम चलते हुए हमारे शिक्षकों का सम्मान करें जिन्होंने कहा था।


“जो बच्चों को अच्छी तरह से शिक्षित करते हैं उन्हें उन लोगों की तुलना में ज्यादा सम्मानित किया जाना चाहिए जो उन्हें पैदा करते हैं, क्योंकि इन्होंने केवल उन्हें जीवन दिया है लेकिन शिक्षक उन्हें जीवन जीने  की कला सिखाते है ।”
बस अपने वक्तव्य के समापन पर यही कहूंगा।

शिक्षक मंदिर जैसी पूजा
माता पिता का नाम है दूजा

जय हिंद!

शिक्षक पर टाइटल

अपने विषय को अच्छे से समझा देते हो
व्यस्तता में पूरा दिन बिता लेते हो
रास आता है आपका कम बोलना
पर अपने थप्पड़ से पूरे स्कूल को गुंजा देते हो

जुदाई के खूबसूरत पलों में
दिल का आशियाना बिखर जाता है
कोई चाह कर भी याद नहीं आता
तो कोई दिल में उतर जाता है

चंचलता आपकी जैसे नदिया की धारा
नजर मिलाने की आपको फुर्सत नहीं है
कोई बात करें आपसे तो कयामत आ जाती है
मगर जुबा में आपके कोई चुभने वाली हरकत नहीं है

कितना भी मूड खराब हो
चाहे चेहरा बहुत उदास हो
बड़े से बड़ा ग़म भी भूल जाएं
अगर आप जैसा हंसाने का अंदाज हो

दिन भर आपको फुर्सत नहीं मिलती
हर समय व्यस्त रहना काम है आपका
पढ़ाई के साथ अन्य कार्यों में भी तैयार रहते हो
इसलिए पूरे विद्यालय में नाम है आपका

सलीके से भरी आपकी नजरें
चेहरे पर ख़ुशी भरा का नूर है
क्यों रहते हो इतने खामोश
गहरा राज कोई जरूर है

आपकी उम्र को देखें तो कम लगते हो
मगर पूरी असेंबली को संभाल सकते हो
काबिलियत है दूसरों को अच्छे से समझने की
चेहरे पर हमेशा हल्की सी स्माइल रखते हो

तेरे लबों की मुस्कुराहट को देख
तेरे जज्बातों को जान लेता हूं
अक्सर देख तेरी रहनुमाई का अंदाज
खुद ब खुद अपनी गलती मान लेता हुँ

आपको परखना आसान नहीं
पर सरल आपका मिजाज है
खुशकिस्मत हैं कि आप हमारे टीचर हो
सजा देने का भी अच्छा अंदाज है

आपकी एक आवाज से तालीम खाने में खामोशी छा जाती है
मजाक ऐसे करते हो की कभी कभी हंसी आ जाती है
संभाल के रखना अपनी इन जिम्मेदारियों को
आप जैसी शख्सियतें ताजपोशी पा जाती हैं

आपकी काबिलियत का सानी नहीं कोई
हर विषय में अपना हुनर आजमाते हो
पसंद आता है हमें आपसे नसीहतें लेना
हर दिन को नए पन के साथ मनाते हो

आपके अंदाज से बचपन झलकता है
आंखों से हमेशा जुनून झलकता है
नम्र होते हो तो अच्छे लगते हो
आपका गुस्सा देख दिल जोर से धड़कता है

शर्म करनी है जो अगर तुमने
फिर ख़ूब किया कीजिए
लेकिन नजर मिला कर प्यार से
एक बार मुस्कुरा तो दीजिए

बातों ही बातों में आप
मुस्कुराना सिखा देते हो
अपने खुशमिजाज से चंद पलों में
किसी को भी दीवाना बना लेते हो

दिल में दया, आंखों में करुणा
होठों पर मुस्कान
मुश्किल है मिल पाना जग में
आप जैसा इंसान

सबको बना लेते हो अपना
आखिर क्या राज है
हो ना हो बना दे दीवाना
आपकी सुरीली आवाज है

एक तो आप शर्माते बहुत हैं
अगर बात करें तो इतराते बहुत हैं
दिल चाहता है स्टेज पर ना बुलाओ आपको
पर सुना है आप स्टेज पर मुस्कुराते बहुत है

जितनी हिदायतें आप हमें देते हो
उतना खुद भी अनुशासन में रहते हो
संयम भरे आपके जुनून से लगता है जैसे
गहरी नदी की शांत धारा से बहते हो

फूलों में गुलाब अच्छा लगता है
रातों में ख्वाब अच्छा लगता है
मुस्कुराते रहो यूं ही आप
आपका यही अंदाज अच्छा लगता है

आप यहां बोले ना बोले 
आपके ना बोलने का गम नहीं है 
पर आपके मुस्कुराने का अंदाज 
किसी अच्छे बोलने से कम नहीं है

मोहब्बत के लिए कुछ खास दिल मख़सूस होते हैं
नगमे वफा के हर साज़ पर गा नहीं सकते
आप का मिजाज आपका अंदाज इतना अजीज़ है हमें
कि मंच पर नाम लेकर आप को बुला नहीं सकते

सुनकर कर दे अनसुना ऐसे इनके अल्फाज नहीं
मिलकर भूल जाए कोई ऐसे इनके जज्बात नहीं 
किसी महफ़िल में छुप जाए ऐसे इनके अंदाज नहीं 
सूरज से दमकते हैं ये किसी परिचय के मोहताज नहीं

शिक्षक शायरी

ऐसा समर्पण भर दो मेरे मन में प्रभु
मेरा भाव ही मेरी भाषा बन जाए
मेरे शिक्षक की आराधना कर सकुँ
जीवन में यही अभिलाषा बन जाए

शिक्षा राष्ट्र की नींव तो शिक्षक भगवान होता है
शिक्षा से होती समता शिक्षक से अंतर्ज्ञान होता है
शिक्षक की पूजा होती हो जिस राष्ट्र में
वह राष्ट्र सब अवस्थाओं में महान होता है

वह जो सम्मान अध्यापकों का आज करते हैं
सफलताओं से दुनिया में वही आगाज करते हैं
हजारों ठोकरें खानी पड़ेगी उनको ए दोस्तों
शिक्षकों की नसीहत जो नजरअंदाज करते हैं

आओ प्रभु से हम दुआ मांगे
जिंदगी जीने की अदा मांगे
अपनी खातिर तो बहुत मांगा है
आओ आज सबके लिए भला मांगें

गदगद कंठ से वंदन करता हूं
चरणों की धूलि को चंदन करता हूं
मेरे गुरु लोगों की करके स्तुति
हृदय से सबका अभिनंदन करता हूं

जीवन की कठिन सी राहों पर
मैं तुम्हारा आशीष चाहूंगा
जो राह तुमने है दिखाई
मैं औरों को दिखलाऊंगा

यह विद्यालय शिक्षा का मंदिर है
शिक्षक जहाँ फरिश्ता बनकर आता है
जिसकी जितनी श्रद्धा होती है
वह उतना ही ज्ञान पाता है

पूर्ण समर्पण के बिना दीक्षा नहीं होती
विनम्रता के अभाव में भिक्षा नहीं होती
शिक्षा वह जो जीवन और चरित्र का गठन करें
तथ्यों का संकलन करने से शिक्षा नहीं होती

शिक्षा का जन्मदाता है
राष्ट्र का निर्माता है
शिक्षक से रोशन होता जहां सारा
शिक्षक ही भाग्य विधाता है

जग में रोशन नाम करते हैं
कर्म इतना महान करते हैं
अंतहीन प्रतिष्ठा रहती है उनकी
जो शिक्षक को गौरव प्रदान करते हैं

जीवन में अद्भुत प्रकाश होता है
जब मन में पूर्ण विश्वास होता है
सर्व समर्थ हो जाता है वह इंसान
जिसके हृदय में गुरु का निवास होता है

माँ बाप ने जिंदगी दी तो गुरु जीना सिखाते हैं
जीवन में आशाएं हैं गुरु विश्वासी होना सिखाते हैं
हैसियत नहीं होती जिनकी कभी समाज में
शिक्षक ही उन्हें बराबरी का दर्जा दिलाते हैं

अनूठे सृजन की युक्ति तुम में है
मोक्ष पद की भक्ति तुम में है
मानव मन की शक्ति की कोई सीमा नहीं
अपने पर विश्वास करो सब शक्ति तुम में है

परम सत्ता ना होती तो संसार ना होता
शिक्षा ना होती तो ज्ञान का भंडार ना होता
एक विचार से ही होते हैं महान आविष्कार
संसार में शिक्षक ना होता तो विचार ना होता

मन में अदम्य साहस होगा
सामर्थ्य पर अपने पूर्ण विश्वास होगा
अपने शिक्षक के प्रति अटूट निष्ठा रखना
श्रेयस प्यार भरे हृदयों में तुम्हारा निवास हो

Leave a Comment