26 January देशभक्ति पर  कविता

26 January देशभक्ति पर  कविता:

सबसे पहले आप सभी को मेरी ओर से हार्दिक अभिनंदन

Republic Day,15 अगस्त या किसी शहीदी दिवस पर हमें मंच पर बोलने के लिए शायरी स्पीच या कविता की आवश्यकता होती है।

सबसे पहले आप स्वयं लिखने का प्रयास करें। हो सकता है आपकी कलम में जान हो आपके भाव शब्दों का रूप ले ले। इसलिए आप लिखने की कोशिश जरूर करें।

एक बात यह भी ध्यान रखें कि कार्यक्रम के विषय अनुसार आप बोले Republic Day पर प्रस्तुति देते हुए संविधान या गणतंत्र दिवस पर कुछ न कुछ विशेष होना चाहिए।

ऐसा ना हो कि 15 अगस्त पर जो बोलते हो वही आप 26 January पर बोलो।

वैसे बोलने में कोई हर्ज नहीं पर प्रयास यह करो कि कार्यक्रम के विषय अनुसार आपके पास सुनाने के लिए सामग्री हो।

इस पोस्ट में 26 January पर एक देशभक्ति और लगभग Deshbhakti के संदर्भ में ही बच्चों पर कविता है। जिसे आप मंच पर सुनाएं सुनने वालों के लिए काफी प्रेरणा दायक होगा।

जरूरी होगा कि सबसे पहले आप कविता कम से कम 30 से 40 बार पूरी आवाज़ में बोल कर उसे कंठस्थ कर लें।

अगर आप कागज में लिखी हुई देख कर बोलते हैं तो कविता,शायरी या भाषण का प्रभाव नहीं आ पाता। अभ्यास करने से शब्दों का उच्चारण खूबसूरत होने के साथ-साथ रचना आपकी स्मृति में आ जाएगी।

Poem का समय डेढ़ से दो मिनट का मुश्किल से है। अगर आपके पास अच्छी शब्दावली है तो 26 January Republic Day की मंच पर कविता बोलते हुए बीच में आप कविता के भाव भी रख सकते हैं यानी प्रस्तुति तीन से 5 मिनट तक कि कर सकते हैं।

26 January देशभक्ति Poem, Republic Day,

“गणतंत्र दिवस की पावन बेला
एक संकल्प सजाना है
मानवता सबसे पहले
आपस का भेद मिटाना है”

“देश की खातिर मरने वाले
ऐसे वीर जांबाज हुए
जो उम्र थी खेलने खाने की
उस उम्र में वो कुर्बान हुए
शहादत पर बेशक मत बोलो
शहादत का कर्ज चुकाना है
मानवता सबसे पहले
आपस का भेद मिटाना है”

“प्राण के बदले मिली आजादी
कीमत देने का साहस हो
हृदय में रहे बस देशप्रेम
जब उनकी याद की आहट हो
सपना था उनका अमन चैन
अब हमको फ़र्ज़ निभाना है
मानवता सबसे पहले
आपस का भेद मिटाना है”

“पराधीनता से मुक्त हुए
दिल में जुनून वो भारी था
क़ानून नहीं कोई विधि नहीं
संघर्ष अभी भी जारी था
ऐसे में संविधान लिखा
उपकार ये नहीं भुलाना है
मानवता सबसे पहले
आपस का भेद मिटाना है”

26 January Desh bhakti Program:

“संविधान को लिखने वालों ने
बस सपना एक संजोया था
ये विधि व्यवस्था बनी रहे
मुश्किल से जिसको पाया था
विधि व्यवस्था अमन चैन
श्रद्धा का फूल चढ़ाना है
मानवता सबसे पहले
आपस का भेद मिटाना है”

“गणतंत्र दिवस की पावन बेला
एक संकल्प सजाना है
मानवता सबसे पहले
आपस का भेद मिटाना है”

Poem on Children For 26 January,Deshbhakti Programme:

“सच्चाई की तस्वीर हो
ऐ बच्चों तुम मनवीर हो
छोटी उम्र पर सोच बड़ी
तुम भारत की तकदीर हो”

“तुतलाती सी बोली में
ये खुशी मनाते टोली में
दीदार खुदा के हो जाते
इन हंसती सूरत भोली में
इनके संग खेल उमंग आ जाती
कितना भी तनाव गम्भीर हो”

“माना कि तुम में जोर नहीं
पर मन से तुम कमजोर नहीं
आने वाले कल हो तुम
शक्ति का अंतिम छोर नहीं
तुम्हीं राम हो तुम्हीं हो गिरधर
ताक़त में बलवीर हो”

“गुरु गोविंद सिंह के दो लाल
बचपन में वीर जांबाज हुए
ज़ुल्म के आगे झुके नहीं
सच्चाई पर कुर्बान हुए
सत्य पथ पर डट जाओ
ऐसे तुम रणधीर हो”

“सच्चाई की तस्वीर हो
ऐ बच्चों तुम मनवीर हो
छोटी उम्र पर सोच बड़ी
तुम भारत की तकदीर हो”

 26 January Video:

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14 thoughts on “26 January देशभक्ति पर  कविता”

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