भाषण 15 अगस्त 2021- Independence Day Speech In Hindi – Top 4

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आपके पास भाषण होना जरुरी है, और आपकी ये मुश्किल हल करने के लिए हम लेकर आए है, कुछ नए और बेहतरीन भाषण जो आप इस स्वतंत्रता दिन के अवसर पर बोल सकते है.

Independence Day Speech 1

     आज़ादी को जीने वालों हमें नहीं पता

कब सूरज छिपता है तो कब दिन चढ़ता है

पर पन्ने पलट कर देखना अतीत के

हर आज़ादी से पहले मरना पड़ता

आज हमारे भारत देश को स्वाधीनता प्राप्त हुए 74 वर्ष हो चुके हैं तो सबसे पहले मैं आज़ादी के लिए कुर्बान उन फ़रिश्तों का धन्यवाद करती हूं जिन्होंने हमें ऐसी गुलामी से मुक्त करवाया जो हमें बेड़ियों में जकड़े हुए थी और आज हम उन्हीं वीरों की बदौलत हर तरह से स्वतंत्र जी रहे हैं।

इतने वर्षों में भारत देश ने बहुत उन्नति की चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो। ठीक है हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई, संविधान बना, जो समस्याएं थी वह धीरे-धीरे समाप्त होती गई। हर तरह से विकास हुआ। लेकिन अगर हम गौर से देखें तो आज भी हम असल में स्वतंत्र नहीं हैं।

अगर बात करें रूढ़िवादी परंपराओं, पुराने अवधारणाएं,तनाव, अंधविश्वास की, तो हम इन्हीं के बीच फंसते जा रहे हैं जो कहीं ना कहीं वापस हमें उस गुलामी की ओर लेकर जा रहे हैं जहां हमारा विकास रुक जाएगा और वहां से वापस प्रगति की ओर जाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। लेकिन अगर हम चाहें तो यह समस्या जड़ से खत्म हो सकती हैं। इसके लिए ज़रूरत है एक संकल्प बल के साथ चलकर काम करने की।

घर घर में मैं इंकलाब की आग लगाने आई हूँ

देश की युवा शक्ति को दृष्टा का भाव थमाने आई हूं

देश के ख़ातिर देश हित में बलिदान अभी बाकी है

देश प्रेम के गीत सुना कर तुम्हें जगाने आई हूं

हमारे देश की युवा शक्ति, जो भारत का भविष्य तय करती है उन्हें मैं यही संदेश देना चाहती हूँ  कि अपने आपको बुरी आदतों से बचाकर, नशे, अपराध, रिश्वतखोरी इन कामों की तरफ ना जाकर उन लोगों को भी जागरूक करें जो इन आदतों की तरफ मुड़े हुए हैं और अपने आप को इस काबिल बनाए कि हम स्वर्णिम भारत के भविष्य का निर्माण कर सकें क्योंकि हर छोटा प्रयास बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है अगर आज हम मिलकर थोड़ा-थोड़ा प्रयास करते हैं। एक जागरूकता के साथ अपने आप को बदलते हैं तो ऐसा संभव है कि हम भारत देश को फिर से उज्जवल भविष्य की ओर लेकर जाएं। लेकिन इसके लिए ज़रूरी यह हो जाता है कि हम देश हित में काम करते हुए कितना प्रयास करते हैं। क्योंकि आज युवा पीढ़ी को जागरूकता और समझ की ज़रूरत है एक संकल्प बल के साथ इसकी शुरुआत करके ही हम भारत देश को एकजुट करके एक नया भविष्य दे सकते हैं।

कौम को कबीलों में मत बांटिये

यह सफर चंद मिलों में मत बांटिये

एक नदी की तरह है हमारा वतन

इसे नालों और झीलों में मत बांटिये

तो आइए अभी से, मिलकर काम करने का संकल्प लेकर चलें। असल में भारत को इन समस्याओं से मुक्ति दिलाकर स्वतंत्र करें और एक अखंड भारत का निर्माण करें।

जय भारत धन्यवाद।

15 august bhashan
15 august bhashan

Independence Day Speech 2

ना कोई अरमान रखता हुँ

ना कोई फ़रमान करता हुँ

तहज़ीब से सुनो तो सुनने वालों का

दिलो जान से सम्मान करता हुँ

सबसे पहले आप सभी को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।

मंच पर उपस्थित माननीय मुख्य अतिथि,प्राचार्य सर,अध्यापक गण और विद्यार्थियों को हार्दिक प्रणाम करता हुँ।

15 अगस्त 1947 को हम अंग्रेजों से आजाद हुए ।

जबसे हमें स्वाधीनता प्राप्त हुई है हमारे देश ने चहुमुखी विकास किया है ।आज शिक्षा,तकनीक, आर्थिक रूप से भारत एक विकसित राष्ट्र है।

मगर एक बात जो हमें गौर करने की जरूरत है वह है मानव चरित्र का निर्माण।

विकास के सभी पायदान चढ़ते हुए हमने मानवता को खोया है। हमारे देश भक्तों ने ऐसे भारत का सपना नहीं देखा था ।

अगर आज हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो राष्ट्रहित में कुछ संकल्प लेने होंगे।

स्वतंत्रता का मतलब है अपने उत्तरदायित्व को निभाना यानी आजादी का या बलिदानीयों का सच्चा उपासक वही है जो अपनी आजादी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाता है। धरना,हड़ताल हमारा कानूनी अधिकार है,हमारी स्वतंत्रता है। परन्तु इसका मतलब यह नहीं कि हम आम आदमी को नुकसान पहुंचाएं ।सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाएं। मुख्य मार्गों को रोककर बैठ जाएं या ऐसे उपद्रवियों का पक्ष करें ।

लोग तो ऐसे भी देखे हैं जो हाथ में तिरंगा लेकर उपद्रव करते हैं। खुद को देशभक्त दिखाते हैं और उपद्रव में मारे जाए तो उनके साथी उन्हें शहीदी का दर्जा देते हैं।

बस बातों ही में नेक रस्में निभा रहे हैं

करके फ़रेब ख़ुद को देशभक्त दिखा रहे हैं

जो खुद को बदल नहीं पाए आज तक

सुना है वो देश बदलने की कसमें उठा रहे हैं

आओ आज हम संकल्प लें कि देश में अमन चैन भाईचारे की मिसाल बने। देश में अराजकता फैलाने की बजाय आजादी के सच्चे उपासक बनें,यही हमारे बलिदानियों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी,

इन 2 पंक्तियों के साथ अपनी वाणी को विराम देता हुँ

हाथ एक दूसरे से मिलाकर कहो

गैर को भी गले से लगाकर कहो

हम हैं भारत के भारत है हमारा घर

सर झुकाकर नहीं सर उठाकर कहो

Independence Day Speech 3

दिवाली में अली बसे

राम बसे रमजान

ऐसे ही उज्जवल रहे

मेरा प्यारा हिंदुस्तान

सबसे पहले स्वतंत्रता दिवस की इस पावन बेला पर आप सभी को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। गांव से आए एसएमसी प्रधान एसएमसी सदस्य व सभी ग्राम वासियों का विद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक अभिनंदन करते हैं।

स्कूल प्रांगण में ध्वजारोहण के लिए पधारी इस गांव की प्रतिभाशाली बेटी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। ताकि बेटियां ऐसे ही समाज में अपना स्थापित करती रहें।

देश की आजादी के लिए जिन देशभक्तों ने कुर्बानी दी उनको याद करें और देश के अच्छे नागरिक और नेक इंसान बनकर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।

अगर समझा जाए तो ये राजकीय विद्यालय हर ग्रामवासी,  विद्यार्थी, अध्यापक और सह प्रबंधकों की संपत्ति है। सबके सहयोग, सद्भावना और अनुशासन से यह संस्था चलती है।

इसलिए हम हमेशा आपस में मिलजुल कर चलने का प्रण लें। अपने वक्तव्य के समापन पर विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों,नॉन teaching staff,विद्यार्थियों का इस कार्यक्रम के लिए आभार प्रकट करता हूँ।

इन दो पंक्तियों के साथ एक बार फिर से आप सभी को आजादी के इस दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।

हिंदू की नहीं ये मुसलमान की नहीं है

है हिंद जिसका नाम ये शहीदों की ज़मी है

जय हिंद जय भारत

Independence Day Speech 4

शहीदों की याद में मेला लगा है

वंदे मातरम से आसमान गुंजा दिया

भेदभाव भुलाकर एकत्रित हो आपने

आज इस प्रांगण को हिंदुस्तान बना दिया

सबसे पहले स्वाधीनता दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं, आए हुए मुख्य अतिथि,ग्रामवासी, बुजुर्गों,युवाओं, मातृशक्ति और बहन बेटियों का आभार प्रकट करता हूं। जिन्होंने एकत्रित होकर एक लघु भारत का परिचय दिया है। महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने कहा है “मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता समानता और भाईचारा सिखाता है”

और ऐसा धर्म मानवता का ही हो सकता है। राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए जिन क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, वो युवा शक्ति और आदर्शों से पूर्ण थे।

आज हम उन वीरों को नमन करें। तिरंगे को झुक कर सलाम करें। और सबसे बड़ी बात कि आज हम दिखावटी देशभक्ति का नाटक ना करते हुए देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समर्पण से निभाएं।

आज हमें कुर्बानी की जरूरत नहीं है पर हम देश के प्रति अपने  दायित्व निभाकर कुर्बानी की कीमत चुका सकते हैं।

नेल्सन मंडेला ने कहा है

स्वतंत्र का अर्थ  सिर्फ अपनी जंजीरों को उतार देना नहीं होता,

बल्कि इस तरह से अपने जीवन को जीना होता है कि,

औरों का सम्मान बढे और उन्हें भी स्वतंत्रता हो.

आज हम लोग शायद इतने आजाद हो चुके हैं की दूसरों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करना आम बात हो गई है अपने निजी स्वार्थों के लिए सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान कर देना,सड़कों को रोक देना आम आदमी के रोजगार पर डाका डालने के समान हो जाता है।

देशभक्तों को याद करना, श्रद्धांजलि देना,तिरंगा फहराना या स्वतंत्रता आंदोलन की गाथाएं गाना तभी शोभनीय होगा अगर हम राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को निभाते हैं। व्यक्तिगत स्वार्थों के बजाय राष्ट्र हित के लिए जीना ही स्वतंत्रता दिवस की सार्थकता सिद्ध होगी।

आओ आज स्वाधीनता के महान दिवस पर हम संकल्प लें व्यवस्था, शांति , सदभावना कायम करने का। यही हमारे स्वतंत्रता के योद्धाओं को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अंत में 2 पंक्तियों के साथ अपनी वाणी को विराम देता हूं।

संकल्प का पहाड़ हो

शेर की दहाड़ हो

हार नहीं जाना है

चाहे मुश्किलें हजार हो

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