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सबसे पहले हमारी वेबसाइट healerbaba.Com और यूट्यूब चैनल swami ji पर सीखने वाले सभी भावी वक्ताओं मन संचालकों और प्रेरकों का अभिनंदन करता हूं। आप किसी अध्यापक की विदाई पर इन स्पीच में से बोल सकते हैं। अपनी सुविधा अनुसार आप कुछ और भी जोड़ सकते हैं।

पहला स्पीच

सुबह की हर्षित बेला पर
खुशियां मिले अपार
यश कीर्ति और सम्मान मिले
और बढ़े सत्कार

तिलक राज जी भाटिया की सेवानिवृति की हर्षित वेला पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

अतिथि देवो भवः
कहती ये भारत की धरा
स्वागत करते आपका
निभा रहे हैं परंपरा

सर्वप्रथम भाटिया जी के परिवार से आए उनकी जीवन संगिनी और परिवार के सभी सदस्यों का विद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक स्वागत करते हैं।

सभागार में उपस्थित माननीय प्राचार्य सर,सभी शिक्षकों का
हार्दिक अभिनंदन करता हूँ।
श्री तिलक राज जी भाटिया अपने सेवाकाल को पूरा करके शिक्षा विभाग से विदा हो रहे हैं।
उनको उनकी सेवानिवृत्ति पर हार्दिक बधाई देता हूं ।अनुभव के आधार पर ये मेरे शिक्षक समान है।
इनको हार्दिक प्रणाम करता हूँ

इनके परिवार से आए हुए उनकी जीवन संगिनी व अन्य सदस्यों का विद्यालय परिवार की ओर से स्वागत करते हैं

भाटिया जी के स्वभाव का एक गुण जो मैंने देखा है वह इनकी स्पष्टता।
किसी की स्पष्टता कई बार हमें अच्छी नहीं लगती लेकिन स्पष्ट इंसान कभी किसी के साथ धोखा नहीं करते।स्पष्टता इंसान को नेक दिल बनाती है।

जितने समय से इनसे मेरा वास्ता रहा है मैंने देखा है इन्होंने विद्यालय में
अपने दायित्व को पूर्ण रुप से निभाया है।विषय में इनकी दक्षता रही है,
जिसकी वजह से विद्यार्थियों को हमेशा याद रहेंगे

जहां भी हम एक परिवार के रूप में रहकर सेवाएं देते हैं,छोटी मोटी नोकझोंक
परिवारों की भांति होती ही है।यह जीवन का नियम है ।मगर परस्पर समझ विकसित
हो जाए तो छोटी मोटी बातें हमारे लिए सीख बन जाती है।

हम ऐसी भावनाओं से आज भाटिया जी की सेवानिवृत्ति पर विदाई दे रहे हैं।
दुआ करते हैं ये अपने जीवन के सुनहरी भविष्य को आनंद पूर्वक जीएं

परखता रहा उम्र भर ताकत दवाओं की
दंग रह गया देख कर ताकत दुआओं की

तिलक राज जी ने हरियाणा शिक्षा विभाग में अपना सेवाकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है।
इसके लिए एक बार फिर से इनको वह इनके परिवार को इनकी सेवानिवृत्ति पर हार्दिक शुभकामनाएं ।

दो पंक्तियों के साथ अपनी वाणी को विराम देता हूं

सजती रहे खुशियों की महफिल
हर खुशी इतनी सुहानी रहे
आप जिंदगी में इतने खुश रहें
कि हर खुशी आपकी दीवानी रहे

धन्यवाद

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दूसरा भाषण

महक उठा ये घर आंगन
जब से आप पधारे हैं
ऐसा एहसास होता है
जन्मों से आप हमारे हैं

असीम खुशियों से भरे इस कार्यक्रम में सबसे पहले सर के परिवार से आए सदस्यगण, रिश्तेदार और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती……..का विद्यालय प्रांगण में पहुंचने पर अभिनंदन करते हैं।

समारोह मैं मौजूद माननीय प्रिंसिपल सर,नॉन टीचिंग स्टाफ एवं सभी अध्यापकों का आज के आयोजन के आभार प्रकट करता हूं।

देवेंद्र जी तजुर्बे में मेरे से बड़े हैं।मगर उनके बारे में एक दो बातें जरूर कहूंगा कि इनकी सबसे बड़ी विशेषता इनकी सादगी है। सादगी भरा व्यक्ति शांत हृदयी होता है।

आडंबर और दिखावे से दूर ऐसे व्यक्ति अपनी मौज में मस्त होते हैं।
एक शायर ने कहा है

सादगी जिस दिन
श्रृंगार हो जाएगी
यकीन मानिए
आईने की हार हो जाएगी

देवेंद्र जी कुंडू से ऐसे ही सादगी भरे जीवन की झलक मिलती है। लगभग 1 वर्ष से मैंने इनको जहां तक जाना है। ये एक अच्छे व्यक्तित्व के धनी हैं।

आज हमारे बीच में अच्छी छाप छोड़ कर जा रहे हैं। इनके सफल व्यक्तित्व के लिए हृदय से प्रशंसा स्तुति करते हैं ।

ऐसे लोगों के लिए दो पंक्तियां लिखी गई है ।

माना यह माना कि वो खामोश खड़े रहते हैं
मगर लोग जो लोग बड़े होते हैं वो बड़े रहते हैं
ऐसे दरवेशों से ही सजता है सिजरा हमारा
जिनके दामन में अनेकों खिताब पड़े होते हैं।

किसी भी स्थान पर अच्छे अहसास,अच्छी भावनाएं छोड़कर जाना व्यक्ति के जीवन की सफलता को इंगित करता है।

आपके कर्म ही आपकी पहचान है
वरना एक नाम के तो हजारों इंसान है

अपने वक्तव्य के समापन पर यही कहूंगा की जीवन में छोटी मोटी नोंक झोंक को भुलाकर आपस में हम स्नेह से रहे।अच्छे व्यक्तित्व का परिचय दें और पूरी तन्मयता के साथ अपने सेवाकाल को पूर्ण करें ।

हर सरकारी सेवक की सेवानिवृत्ति सद्भावना भरी हो। जिसका हर कर्मचारी को इंतजार होता है और हर कर्मचारी की चाहत होती है कि उसे हमेशा अच्छाई के लिए याद किया जाए।

अंत में दो पंक्तियां देवेंद्र जी के लिए

अलविदा कहकर जब कोई दूर होता है
आंखे देखती है दिल मजबूर होता है।

धन्यवाद

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