International Woman Day Anchoring Script in Hindi | नारी सशक्तिकरण दिवस मंच संचालन शुरुआती स्क्रिप्ट

महिला दिवस या किसी भी कार्यक्रम की हर मंच संचालक अलग अलग तरह से अपने अनुभव के अनुसार प्रस्तुतियों की सूची बनाता है। ज्यादातर कार्यक्रग्मों में शुरुआत में अतिथि सम्मान, दीप प्रज्वलन स्वागत गीत ,स्वागत संबोधन तक लगभग एक जैसी ही गतिविधियां रहती हैं। आप प्रस्तुतियों की सूची अपने अनुसार बना सकते हैं ।मुझे आपको एक स्क्रिप्ट देनी है इसलिए मैं अपने अनुभव के अनुसार जिस तरह से मैं सूची बनाता हूं ,उसी तरह से एक सूची बनाकर उसकी स्क्रिप्ट आपको दे रहा हूं ।

जो भी शब्दावली ,शायरी दी गई है ।अगर आपका कार्यक्रम विवरण इससे आगे पीछे होता है या थोड़ा अलग तरह का होता है तो आप अपनी बुद्धिमता से बदलाव कर सकते हैं। या अगर आपको अच्छा लगे तो आप मेरी तरह ही अपनी सूची बना लें।

1. सर्वप्रथम मंच संचालक की एंट्री

साउंड लगते ही कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत से पहले शायरी ,शब्दावली बोलकर माहौल बनाए।

2. अतिथि आगमन शायरी, सन्देश से स्वागत

3. दीप प्रज्वलन

4. सरस्वती या ईश वंदना

5. अतिथि स्वागत गीत

6 स्वागत संबोधन प्रस्तुतियां

7. डांस

8. किसी विशिष्ट अतिथि का भाषण

9 कोई प्रस्तुति

10 . भाषण

11. नृत्य

12. अपनी संस्कृति प्रस्तुति

13. कविता

14. मुख्य अतिथि का उद्बोधन

15. समापन धन्यवाद

सबसे पहले वक्ताओं,संचालकों, प्रेरकों को मेरी ओर से हार्दिक अभिनंदन ।महिला दिवस की आपको हार्दिक शुभकामनाएं।
महिला दिवस के कार्यक्रम के मंच संचालन की ये स्क्रिप्ट लिखने से पहले आपको एक बात जरूर कहूंगा की मंच संचालन करते हुए या भाषण देते हुए यह बात स्पष्ट कर ले कि आप महिला दिवस पर बोल रहे हैं तो कार्यक्रम के विषयानुकूल नारी, बेटी के उत्थान,जागरूकता पर ही बोलें
नारी शक्ति से जुड़ी बातें, भाषण या प्रस्तुतियां ही करें।

कार्यक्रम विषय के अनुसार प्रस्तुतिकरण हो तो ज्यादा उचित रहेगा।

ज्यादातर हम लोग अपने वक्तव्य मंच संचालन में या प्रस्तुतियों में खास दिन की महत्ता को प्रस्तुत नहीं कर पाते।

महिला दिवस के कार्यक्रम के मंच संचालन में आप नारी कर्तव्य,नारी अधिकारों ,बेटियों की महिमा, नारी शिक्षा, समाज में रुतबा कायम करने वाली स्त्रियों के बारे में जानकारी प्रभावकारी ढंग से प्रस्तुतियों के बीच जरूर बताएं।ताकि सुनने वालों में जागरूकता आए और लोग घर में औरत का सम्मान,नारी अधिकारों,बेटियों की शिक्षा के प्रति सचेत हो।देश में व्यवस्था स्थापित हो।

यानी एक मंच संचालक,वक्ता का लक्ष्य केवल बोलना ही ना होकर बल्कि लोगों में अवेयरनेस और भाईचारा कायम करना हो।

जैसा कि मैंने पहले भी बताया है कि एक मंच संचालक कार्यक्रम शुरू होने के 20-25 मिनट पहले मंच आ जाए।

साउंड सेटिंग के साथ-साथ जितने भी अतिथि,बच्चे,नारी शक्ति,युवा,बुजुर्ग आए होते हैं उनके साथ शायरी,शब्दावली और अपनी बातों से संप्रेषण शुरू कर दे ताकि रूप से कार्यक्रम आरंभ होने से पहले अच्छा वातावरण बन जाए और मंच संचालक का आत्मविश्वास भी मजबूती पकड़ ले।

बहुत अच्छा होगा अगर एक मंच संचालक कार्यक्रम के शुरुआती दौर में प्रभावकारी वाक शैली में नारियों के लिए महापुरुषों के विचार बोले।

जैसा कि मैंने पहले भी बताया है कि एक मंच संचालक को कार्यक्रम शुरू होने के 20-25 मिनट पहले मंच आ जाए।

साउंड सेटिंग के साथ-साथ जितने भी अतिथि,बच्चे,नारी शक्ति,युवा,बुजुर्ग आए होते हैं उनके साथ बेटी, नारी शायरी,शब्दावली और अपनी बातों से संप्रेषण शुरू कर दे ताकि विधिवत रूप से कार्यक्रम आरंभ होने से पहले अच्छा वातावरण बन जाए और मंच संचालक का आत्मविश्वास भी मजबूती पकड़ ले।

20-25 मिनट पहले आप क्रमानुसार दी गई इन शायरी और शब्दावली से आप अच्छा माहौल बना सकते हैं।

1. मंच संचालक की एंट्री शायरी और अभिवादन के साथ

मीरा की वीणा कल्पना की उड़ान है
झांसी की रानी मदर टेरेसा सी दिकपाल है
नारी की कोख से ही जन्मते हैं महान पुरुष
इसलिए नारी तू पुरुष से महान है

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन पर्व पर सबसे पहले आप सभी बच्चों,विद्यार्थियों,युवाओं,बुजुर्गों और उपस्थित नारी शक्ति को हार्दिक प्रणाम करता हूं।

सन 1921से विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।

जगत जननी नारी के सम्मान में आज का दिन उत्सव के रूप में मना रहे हैं।यह हमारे लिए गौरव की बात है।

आओ प्रभु से हम दुआ मांगे
जिंदगी जीने की अदा मांगे
अपनी खातिर तो बहुत मांगा है
आओ आज सबके लिए भला मांगें

बस ऐसा ही भाव रहे हमारा कि सभी के जीवन में खुशियां आए। जिस तरह से पति के लिए त्याग, संतान के लिए ममता, दुनिया के लिए दया और जीव मात्र के लिए करुणा संजोने वाले नारी है

उसी तरह से पुरूष मन में भी ऐसे ही भाव हों की बिना किसी भेदभाव के सभी को सम्मान मिले।हर हृदय में मानवता का वास हो।ऐसी ही प्रेरणा से भरा होगा ये दिन।

बहारों की महफिल सुहानी रहेगी
लब पर खुशियों की कहानी रहेगी
चमकते रहेंगे खुशियों से ये सितारे
अगर आप की तालियों की मेहरबानी रहेगी

आज के इस पावन दिवस के सम्मान में एक बार अपनी तालियों से प्रांगण को गुंजायमान कर दीजिए।

इसी तरह हम साथ मिलकर सावित्री बाई फुले, रानी लक्ष्मीबाई, मदर टेरेसा जैसी महान नारियों को याद करेंगे।1857 की क्रांति में भगवंती जैसी नारी की कुर्बानी को सलाम करते हुए समाज में जननी के सम्मान का संकल्प लेंगे।

दिन निकला हर दिन जैसा
पर आज का दिन कुछ खास हो
अपने लिए तो मांगते हैं रोज
आज सबके भले की अरदास हो

हर दिन शुभ होता है।एक उपलब्धि लेकर आता है।हम सब हर दिन खुद से वादा करें कि हमारा जीवन सबके भले के लिए हो।

महान विचारक कार्ल मार्क्स ने कहा है “पुरुष अपना भाग्य नियंत्रित नहीं करते ।उसके जीवन में मौजूद औरत अपने गुणों से उसके लिए भाग्य निर्माण करती है ।”

जब तक हमारे मुख्य अतिथि आते हैं सभी से निवेदन है कि वे अपना अपना स्थान ग्रहण करें।पूर्ण अनुशासन के साथ महिला दिवस का ये उत्सव मनाएंगे

इसी दौरान आपके पास नारी के बारे में भी कोई शायरी,शब्द होने चाहिए।
बहन,बेटियां, नारी शक्ति हर कार्यक्रम में उपस्थित होती है।

नारी तुम प्रेम हो
आस्था हो विश्वास हो
टूटी हुई उम्मीदों की
एकमात्र आस हो

कार्यक्रम में उपस्थित सभी माताओं बहनों को मातृशक्ति को प्रणाम करता हूं।

जगत जननी नारी हमेशा पूजनीय रहेगी।देश की आज़ादी के महान बलिदानी, अविष्कारक, बड़े-बड़े महापुरुषों का जन्म एक नारी की कोख से ही होता है। समाज में हर मां,बहन,बेटी का सम्मान बना रहे।

बहुत अच्छा होगा अगर आप समय समय पर महिला पर महान विचारकों के विचार बोलें जब तक मुख्य अतिथि नहीं आते या विधिवत रूप से कार्यक्रम शुरू नहीं होता आप इसी तरह से बीच-बीच में जाकर प्रारंभ में नारी,बेटी या ख़ुशी प्रसन्नता पर शायरी,तुकबंदी , बेटियों के लिए कोई कविता या महिला सशक्तिकरण के बारे में कोई अच्छी जानकारी स्टेज पर बोल सकते हैं।

प्रांगण में बैठे श्रोताओं में से किसी बच्चे को भी मंच पर एक दो मिनट की कविता या कार्यक्रम विषयानुसार ऐसी बात बोलने के लिए बुला सकते हैं।

सभा में बैठे श्रोताओं से आप इसी तरह से मंच के माध्यम से संवाद बनाए रखिए।

इसी बीच आपके बोलते हुए मुख्य अतिथि आ जाते हैं आप बोल सकते हैं।

फितरत बन चुकी है
दिल ए बेकरार की
अब तो आदत सी हो गई है
आपके इंतजार की

छोटे से इंतजार के बाद हमारे आज के ख़ास मेहमान का प्रांगण में पहुंचने पर दिल से अभिनंदन करते हैं।

जिंदगी में एक नई सौगात हो जाए
काश आपसे प्यार भरी मुलाकात हो जाए
दिल की उमंगों को पंख लग जाएंगे
बस आपकी तालियों की बरसात हो जाए

जोरदार तालियों से हम स्वागत करेंगे आज के हमारे ऑनरेबल Chife Guest श्री………. का जो हमारे कार्यक्रम में आए और हमें अनुग्रहित किया।

हमारे मुख्य अतिथि आ चुके हैं उनके आने पर मैं हार्दिक स्वागत करता हूं

हमारे इस परिवार की ओर से विद्यालय की ओर से जैसा भी आप का कार्यक्रम हो उसकी ओर से, आप कर सकते हैं और शायरी बोल सकते हैं

अतिथि शायरी

आशाहीन हृदय में तरंग भर देती है
छोटी सी उम्मीद निराशा को भंग कर देती है
मुद्दत से आते हैं अतिथि भगवान बनकर
अतिथियों के आने की खबर मन में उमंग भर देती है

इसी तरह जब हम मिलकर कोई उत्सव मनाते हैं कोई हमारे अज़ीज़ होते हैं बीच में तो माहौल में खुशियां छा जाती है किसी शायर ने सच कहा है

साथ मिलकर आज उत्सव मनाते हैं
सम्मान में आपके सर झुकाते हैं
आप आए तो माहौल में खुशियां छा गई
आपकी खिदमत में श्रद्धा के दीप जलाते हैं

4. दीप प्रज्वलन

इसी बीच में चाहूंगा कि हमारे बीच में आए हुए मुख्य अतिथि मंच पर आएं और विद्या की देवी मां शारदा के आगे दीप प्रज्वलित के आज के इस कार्यक्रम का शुभारंभ करें।

शायरी

खुदावंद तेरे नाम से आगाज करता हूँ तेरा बंदा हूँ तेरी रहमतों पे नाज करता हूँ। फ़कत तेरी मदद और ताक़त के भरोसे पर मुझे उड़ना नहीं आता मगर परवाज करता हूँ।

हम सभी उस अलौकिक शक्ति, अदृश्य शक्ति को याद करें और धन्यवाद करें कि हमें यह सुंदर जीवन मिला है।मन ही मन भावों से भरकर अपनी माँ का धन्यवाद करें।

रामायण में बाल्मीकि ने कहा है जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है

जब तक दीप प्रज्वलन का कार्य हो आप कुछ ना कुछ बोलते रहिए या हल्के हल्के आवाज में कार्यक्रम विषयानुसार कोई गीत लगा दीजिए।

हम धन्यवाद करें परमपिता परमात्मा का,सृष्टि का की एक नारी के अस्तित्व से हमारा वजूद है।

इसी कड़ी के चलते मैं मंच पर प्रतिभागी छात्राओं को आमंत्रित करूंगा या करूंगी वो मंच पर आएं और मां शारदा की वंदना करें
वंदना प्रस्तुति

वंदना समापन के बाद शायरी

आसमान की ऊंचाइयों पर हम परवाज़ करते हैं
हमारे मेहमानों के सर सम्मान का ताज धरते हैं
विद्या की देवी माँ शारदा को करके सज़दा
खुशियों से भरी महफ़िल का आगाज़ करते हैं

इसी के साथ विद्या की देवी मां शारदे कि इस वंदना के साथ हमारी इस मंच का आगाज़ हुआ।

बेटियों के सम्मान और शक्ति का यह दिन सभी को एक बार फिर से मुबारक हो ।हमारे बीच में आए हुए हमारे मुख्य अतिथि उनका एक बार फिर से हार्दिक अभिनंदन।

हमारी परंपरा रही है अतिथि सत्कार।

एक दूसरे का सम्मान करना कदर करना यह एक मानवीय मूल्य है जो हम लोग निभाते रहें।

भारत की परंपरा है अतिथि सत्कार
गृहस्थ जीवन में पुण्य है अतिथि सत्कार
अतिथि सत्कार ही होती है राज घरानों की आन
पवित्र भावों की प्रबलता है अतिथि सत्कार

हमारे आए हुए मुख्य अतिथि, सभी मेहमानों, और दर्शकों के स्वागत के लिए एक तरन्नुम, भरा स्वागत गीत आपके सामने लेकर आ रहे हैं स्कूल के छात्र या छात्राएं

स्वागत गीत के बाद शायरी

अतिथि देवो भवः
कहती ये भारत की धरा
स्वागत करके आपका
निभा रहे हैं परम्परा

हम चाहते हैं ऐसे विशेष अवसरों पर मेहमान आते रहे। एक दूसरे की खुशियों में जब हम शरीक होते हैं तो हमारी खुशियां बढ़ जाती हैं । इसी प्रेरणा के साथ हम आपस में एक दूसरे के साथ अच्छे ताल्लुक बनाए और संसार में सद्भावना और आपसी स्नेह भावना कायम करें।

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