Anchoring script for welcome. Welcome shayari. Public speaking tips for anchoring.

हेलो दोस्तों आप को मेरा सादर नमस्कार।

Swami Ji यूट्यूब चैनल एवं healerbaba.com वेबसाइट से आप भरपूर लाभ ले रहे हैं,
मुझे इस बात की खुशी है।

बेहतरीन तरीके से पब्लिक स्पीकिंग सीखने के लिए आप नियमित प्रयास करते रहिए ।

अगर आपको अच्छी anchoring करनी है। मंच संचालन करना है तो उसके लिए एक बात पर आप ध्यान दें।

जब आप किसी मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि या अन्य वक्ता को सम्मान के लिए या संबोधन उद्बोधन के लिए मंच पर बुलाते हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में किसी प्रस्तुति के लिए प्रतिभागियों को बुलाते हैं तो उन्हें आमंत्रित करने के आपके पास प्रभावकारी शब्द और तरीका होना चाहिए

अगर आप अनूठे ढंग से दमदार शब्दों से अच्छी शायरी से मंच पर आमंत्रण देते हैं तो सुनने वालों के लिए रोचक होता है। स्पीच देने वालों या परफॉर्मेंस करने वाले प्रतिभागियों को भी खुशी होती है और आपको भी ऊर्जा मिलती है।

ज्यादातर मैंने देखा है कि मंच संचालक साधारण शब्दों में ही अतिथि को बुला लेते है ।प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को मंच पर ऐसे बुलाया जाता है जैसे उनका कोई महत्व ही नहीं है ।

मैं आपको लिखकर कुछ बातें बताता हूं उन बातों को दी आप अपना सकते हैं या इन बातों से आइडिया लेकर अच्छा तरीका अपना सकते हैं।

अगर आपने किसी अतिथि को बुलाना है तो उसकी किसी विशेषता को जरूर बोलें

अतिथियों को और प्रस्तुति के लिए ऐसे बुलाएं

दोस्तों अभी समय आ चुका है ऐसे व्यक्तित्व से मिलने का, जिनसे मिलकर मन को सुकून मिल जाएगा।

हम बड़े खुशनसीब हैं कि आज उन्होंने हमारे कार्यक्रम में शिरकत की है।

कहते हैं कि

खुशी के फूल उन्हीं के दिलों में खिलते हैं
जो आदमी की तरह आदमी से मिलते हैं

कई बार ऐसे ही लोग हमें मिलते हैं ।हमारे बीच विराजमान होते हैं तो हमारे लिए प्रेरणा बन जाती है।

आंखों में करुणा दिल में दया होठों पर मुस्कान
मुश्किल है मिल पाना जग में आप जैसा इंसान

आपकी सम्मान भरी तालियों के साथ आ रहे हैं मंच पर आज के हमारे मुख्य अतिथि………….
जोरदार तालियों से स्वागत कीजिए

फ़र्ज़ का एहसास होना चाहिए
कर्म अपने साथ होना चाहिए
कामयाबी चूमेगी हर कदम
विश्वास अपने पास होना चाहिए

ऐसे ही विश्वास के मालिक और आस्था के धनी जिन्होंने अपने विश्वास के बलबूते पर समाज में अपना विशेष स्थान बनाया है। आज वह विभूति हमारे इससम्मानित मंच पर में मौजूद है।

मैं बुलाना चाहूंगा आपकी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ
आ रहे हैं मंच पर………….

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आज का हमारा कार्यक्रम अभी पूरे यौवन पर
इसी के चलते मैं सभी अतिथियों का, सुनने वालों का ,बच्चों का एक बार फिर से तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। जो इतनी गर्मी होते हुए भी बहुत ही लगन के साथ कार्यक्रम को देख रहे हैं। अगर हम लोग यह शहीदी दिवस, आजादी का यह दिन अगर मिलकर मना रहे हैं तो यह भी एक लघु भारत का रूप है। हमारी एकता है ।जो इसी तरह से बनी रहे।
और हम मैं बुला रही हूं आप की जोरदार तालियों के साथ डांस के लिए प्रतिभागियों

डांस प्रस्तुति

डांस प्रस्तुति समाप्त

नाचना रिंदगी भी होती है
नाचना खुदा की बंदगी भी होती है
कुछ पल झूम के देखो खुशी में तो
लगेगा कि नाचना जिंदगी भी होती है

बहुत ही दमदार प्रस्तुति ।
इसी तरह से अगर इन बच्चों को अवसर मिलते रहे तो इन बच्चों का आत्मविश्वास आसमान को छू लेगा। एक बार फिर से आपकी सम्मान बड़ी तालियां हो जाए इन बच्चों के लिए।

दोस्तों अगर सच कहा जाए तो जीवन एक संगीत है। गायन वादन नृत्य।
अक्सर खुशी के अवसरों पर नृत्य सबसे ज्यादा किया जाता है। क्योंकि नाचना ,गुनगुनाना खुशी में होता है
नाचना भाव से होता है तो इसी खुशी के भाव के साथ एक बार फिर से आपके सामने यह डांस की प्रस्तुति चार पंक्तियों के साथ।

जो जीवन भर अंधियारों से लड़ते हैं
दुनिया उनके चरणों में दीप जलाती है
फूलों जैसी झड़ने की जिनकी तैयारी है
खुशबू उनके माथे पर तिलक लगाती है

आपकी करतल ध्वनि के साथ पेश है यह डांस की प्रस्तुति

डांस प्रस्तुति

डांस प्रस्तुति समाप्त

जीवन का सुंदर आकार बनाता है
नासमझ को समझदार बनाता है
ताल से रिदम में चलती है सांसे
संगीत ही स्वयं से साक्षात्कार कराता है

धन्यवाद

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