Speech for School Morning Assembly in Hindi | स्कूल, कॉलेज के लिए स्पीच स्क्रिप्ट

Speech for School Assembly in Hindi

आओ प्रभु से हम दुआ मांगे
जिंदगी जीने की अदा मांगे
अपनी खातिर तो बहुत मांगा है
आओ आज सबके लिए भला मांगें

सबसे पहले माननीय प्रिंसिपल सर, अध्यापकों और सभी विद्यार्थियों को आज के दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।

हमारे स्कूल की सुबह की सभा में मुझे आज अपने विचार रखने का अवसर मिला, यह मेरे लिए गौरव की बात है।

जैसा कि सभी स्टूडेंट्स इस बात से परिचित हैं कि हम विद्यार्थियों का मुख्य उद्देश्य शिक्षा है। शिक्षा ही लक्ष्य है। खूब मन लगाकर पढ़ना हमारी इस उम्र का सपना है और हर अभिभावक, अध्यापक चाहता है कि हम विद्यार्थी अपने आपको पढ़ाई के प्रति लक्ष्यवान रखें।

समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि और प्रतिस्पर्धा ने आज हमें बुद्धिमानी के शिखरों पर पहुंचा दिया है। आज की इस शिक्षा व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम हैं कि आज शिक्षा और तकनीक की होड़ मची हुई है। ये बात हमारे लिए ठीक है। लेकिन आधुनिकता की इस दौड़ में हम इंसानियत खोते जा रहे हैं।

बताएं जो देश की जर्जर हालत
तो पत्थर भी आंसू बहाने लगेंगे
इंसानियत जो खो गई है किसी भीड़ में
उसे ढूंढने में जमाने लगेंगे

संस्कार, नैतिक मूल्य, अच्छा बोलना, विनम्रता, सच्चा सम्मान इन गुणों से विमुख हो रहे हैं।ऐसे में हमारी शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।

अच्छा पढ़ लिखकर,अच्छे अंक लेकर हमें इंसान बनना था मगर हम बन गए अहंकार के पुतले।
विवेकानंद जी ने कहा है कि शिक्षा वह जो जीवन और चरित्र का गठन करे।

केवल मात्र तथ्यों के संकलन करने से, ज्यादा अंको से उतीर्ण होना या बड़े पद को पा लेना ही शिक्षा नहीं है।

पूर्ण समर्पण के बिना दीक्षा नहीं होती
विनम्रता के अभाव में भिक्षा नहीं होती
शिक्षा वह जो जीवन और चरित्र का गठन करें
तथ्यों का संकलन करने से शिक्षा नहीं होती

अंत में अपनी वाणी को विराम देते हुए मैं यही कहूंगा की हम सब मिलकर ऐसी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो जिसमें इंसानियत का पालन हो। किसी के दुख दर्द को समझ सके और मानवीय मूल्यों का सम्मान हो।
ऐसी शिक्षा ही हमें स्वयं का बोध करवाएगी और महानताओं का निर्माण करेगी

जीवन का सुंदर आकार बनाती है
नासमझ को समझदार बनाती है
क़लम से रिदम में चलती है ज़िन्दगी
शिक्षा ही स्वयं से साक्षात्कार कराती है

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